जानिए क्या होता है मैसेज Message ‘Encryption’ जिसे लेकर आजकल हंगामा हो रहा है

मैसेज एन्क्रिप्शन से मैसेज कोडेड हो जाता है, जिसे कोई नहीं पढ़ सकता है.

किसी भी मैसेज को सुरक्षित रखना मतलब आपके मैसेज को प्रोग्रामिंग(programming ) के जरिये ऐसे कोड में बदल देना जो की इंसान के लिए पढ़ के समझना मुश्किल हो जाता है, उसे Encryption कहते हैं…

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    January 19, 2021, 8:19 AM IST

आजकल वॉट्सऐप (WhatsApp) अपने नए प्राइवेसी पालिसी को लेकर खास चर्चा में है और कई लोगो ने तो वॉट्सऐप छोड़ के कुछ संभावित विकल्पों पर विचार कर रहे है जैसे की टेलीग्राम (Telegram) और सिग्नल. (Signal) सिग्नल आजकल काफी चर्चा में है और पिछले दिनों अचानक से बढ़े उपयोगकर्ताओं से सिग्नल का सर्वर डाउन हो गया था और लोगो का विश्वास सिग्नल पर इसलिए भी बढ़ा है क्योंकि ये end to end  एन्क्रिप्शन करता है तो आइये जानते है की मैसेज एन्क्रिप्शन होता क्या है. सबसे पहले आपको बताते है की एन्क्रिप्शन का मतलब क्या होता है एन्क्रिप्शन का हिंदी में मतलब कूट लेखन होता है, सरल शब्दों में कहे तो किसी भी मैसेज को सुरक्षित रखना मतलब आपके मैसेज को प्रोग्रामिंग(programming ) के जरिये ऐसे कोड में बदल देना जो की इंसान के लिए पढ़ के समझना मुश्किल हो जाता है या आसान शब्दों में कहे तो किसी भी मैसेज को कोड के जरिये सुरक्षित करना ही एन्क्रिप्शन कहते है .

एक एन्क्रिप्ट मैसेज को वही पढ़ सकता है जिसके पास डेस्क्रिप्शन Key होती है और ये key आपको जब आप अपना एप्लिकेशन ओपन करते है तो वो उसी समय आपको असाइन होता है तभी आप और वो यूज़र जिसे आप मैसेज भेजते है वही पढ़ सकते है और बाकि वो मैसेज जहा स्टोर होता है वह भी मैसेज एन्क्रिप्टेड होता है .

उदहारण के लिए मान लीजिये आपने अपने दोस्त को मैसेज भेजा “आप कैसे हो ? ” तो ये मैसेज केवल आपको और आपके दोस्त को डेक्रिप्टेड यानि की असल मैसेज दिखेगा .

असल मैसेज :  “आप कैसे हो ?”एन्क्रिप्टेड मैसेज :”$2y$10$OIj1ewZQpU3xXOAciWBEzOMfnTvFSQRJMQBqv446m4/Slj4X3S5pe”

एन्क्रिप्शन और डिक्रिप्शन की पूरी प्रक्रिया को क्रिप्टोग्राफ़ी (Cryptography) भी कहते है, किसी भी दो इंसानो के बीच साझा की गयी सुचना किसी तीसरे इंसान इस जानकारी को चोरी से पढ़ न ले या उस सुचना में बदलाव न करे इसी की रोकथाम के लिए क्रिप्टोग्राफ़ी तकनीक को उपयोग में लाया गया है . आपको बता दे की आज इ-कॉमर्स हो या ऑनलाइन बैंकिंग हो क्रिप्टोग्राफ़ी की तकनीक की वजह से ही सुरक्षित है और क्रिप्टोग्राफ़ी की भी अलग अलग टाइप्स होते है .

एन्क्रिप्शन के प्रकार

>>सिमेट्रिक एन्क्रिप्शन (Symmetrical Encryption )
सिमेट्रिक एन्क्रिप्शन में एन्क्रिप्ट और डिक्रिप्ट करने की एक ही Key होती है और एक ही Key  होने के चलते इस प्रोसेस में डाटा को एन्क्रिप्ट करने वाले यूजर को हर उस यूजर के साथ डिक्रिप्ट key शेयर करनी पड़ती है जिसे वो सुचना भेजता है इसी लिए इसको Share Encryption भी कहते है

>>एसिमेट्रिक एन्क्रिप्शन (Asymmetrical Encryption )
असीमेट्रिक एन्क्रिप्शन में एन्क्रिप्शन की और डेक्रिप्शन Key दोनों अलग अलग होती है एक Key एन्क्रिप्शन के लिए और दूसरा Key डेक्रिप्शन के लिए होती है ऐसे में एन्क्रिप्शन की प्रक्रिया में यूजर एन्क्रिप्शन करने वाली Key अपने पास रखता है और डेक्रिप्शन Key पब्लिक्ली उन सभी यूजर के साथ शेयर करता है जिनको उसको वो सुचना भेजता है . एन्क्रिप्शन की इस प्रक्रिया को Public key Encryption भी कहते है






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